हम सदियों से सुनते आ रहे हैं कि आगरा मे स्थित संगमरमर की वो मीनारें प्रेम का प्रतीक है, ना जाने कितने गानों मे भी इसे दर्शाया गया है परन्तु क्या सच मे वो प्रेम का प्रतीक है ? या प्रतीक है मुगलों द्वारा की गयी सनातन संस्कृति एक और आघात का , भ्रष्टाचार और क्रूरता का ? ये श्रृंखला P.N .Oak द्वारा लिखित पुस्तक " ताजमहल मंदिर भवन है" पर आधारित है , इस किताब मे दिये गये तथ्यों को पढ़कर ये स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है कि इतिहास मे कितनी हेरा- फेरी की गई है । किसी भी ऐतिहासिक इमारतों पर दो प्रकार से विचार कलना चाहिए- 1.उसका आकार,विस्तार, रंग-रूप और उसमें अंकित चिह्न। 2.उसके निर्माण सम्बंधित दिया जाने वाला दस्तावेज। और ताजमहल को इन दोनों ही प्रकार से विचार करने पर झूठ के स्याही से लिखा स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है, क्योंकि ताज महल मे ऐसे अनेक चिह्न पाये गये है जिनका महत्व सनातन परंपरा से जुड़ा हुआ है ना कि इस्लामी,जैसे- ● ताजमहल के गुम्बद मे आवाज़ प्रतिध्वनित करने का गुण, कब्र मे शांति के स्थान पर आवाज गूँजे ऐसी गुण वाले गुम्बद क्...